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मौहम्मद गौरी का वध किसने किया था??(Did Prithviraj chauhan killed Mohmmad ghauri?)

Did Prithviraj Chauhan killed Mohmmad Ghauri????? मौहम्मद गौरी का वध किसने किया था? सम्राट पृथ्वीराज चौहान ने अथवा खोखर राजपूतो ने??...

Friday, October 2, 2015

सेना में वीर राजपूतों की उपेक्षा बंद करने एवं उनकी संख्या बढ़ाए जाने के सम्बन्ध में मोदी सरकार से मांग


=====मोदी सरकार से क्षत्रियों की माँग भाग संख्या--4=====
सेना में वीर राजपूतों की उपेक्षा बंद करने एवं उनकी संख्या बढ़ाए जाने की मांग------
राजपूत सदियों से भारतीय प्रतिरक्षा की रीढ़ की हड्डी रहे हैं,राजपूत समाज सदियों से राष्ट्र रक्षा में अपना सर्वस्व बलिदान करता आया है,
आजादी के बाद भी यह परम्परा कायम है,सर्वाधिक 5 परमवीर चक्र,महावीर चक्र,अशोक चक्र राजपूतों ने ही जीते हैं और सबसे ज्यादा गैलेंट्री अवार्ड्स भी राजपूतो को ही प्राप्त हुए हैं,
मेजर शैतान सिंह भाटी,पीरु सिंह शेखावत,जदुनाथ सिंह राठौड़,गुरुबचन सिंह सलारिया,संजय कुमार डोगरा,जसवंत सिंह रावत,जनरल हणूत सिंह,जैसे परमवीर योद्धाओं का बलिदान क्या भुलाया जा सकता है???????

किन्तु देखा जा रहा है कि राजपूतो को सेना में भी नजरअंदाज किया जाने लगा है,अक्सर राजपूत सैन्य अधिकारीयों को हर प्रकार से योग्य और वरिष्ठ होते हुए भी सेनाध्यक्ष,एयर चीफ मार्शल,एडमिरल नही बनाया जाता,
पिछले 65 वर्षों में सिर्फ दो आर्मी चीफ जनरल राजेन्द्र सिंह जाडेजा और जनरल वी के सिंह राजपूत बन पाए,सगत सिंह राठौड़,जनरल नाथू सिंह,जनरल हनुतसिंह राठौड़ जैसे शानदार करियर और रिकार्ड्स वाले अधिकारीयों को भी जान बूझकर आर्मी चीफ नहीं बनाया गया,
यही नही अपनी ईमानदारी के कारण जनरल वी के सिंह के सिंह को हथियार दलालो के पैरोकारों ने जमकर परेशान किया और वक्त से पहले उन्हें रिटायर कर दिया गया,

नेवी में भी एडमिरल माधवेन्द्र सिंह,और एडमिरल शेखावत ही नौसेनाध्यक्ष बन पाए.…।

सिर्फ सैन्य अधिकारी ही नही सेना में भी राजपूतो की संख्या में गिरावट आ रही है जो राष्ट्र की सुरक्षा के लिए अत्यंत घातक सिद्ध होगी,राजपूत रेजिमेंट रायफल्स में भी सिर्फ 50 % राजपूत भर्ती किये जाते हैं,जबकि जाट रेजिमेंट में 99% जाट होते हैं,सिख रेजिमेंट में सब सिख हैं फिर राजपूतों से यह भेदभाव क्यों??

राजपूत बाहुल्य गुजरात,वीरभूमि मेवाड़,बिहार,मालवा,ईस्ट यूपी से सेना में राजपूतों की बहुत कम भर्ती होती है,
आज भी देश के लिए बलिदान करने वाले सैनिको में राजपूत सबसे आगे हैं,
इस बार गणतंत्र दिवस की परेड में राजपूत रेजीमेंट्स,राजपुताना रायफल्स,डोगरा रेजीमेंट्स जिनमे अधिकतर राजपूत सैनिक हैं उन्हें परेड का मौका क्यों नही दिया गया????????

मोदी जी से अनुरोध है कि कृपया सेना में राजपूतो की अनदेखी बंद की जाए और
सेना,अर्धसैनिक बलों,नेवी,एयर फ़ोर्स में राजपूतों की संख्या बढाई जाए,आरक्षण के चलते अब सेना ही राजपूतों के रोजगार के लिए एक बड़ा साधन बचा है.

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हमे पूर्ण आशा है कि मोदी जी हमारी मांगो पर ध्यान देंगे और उन्हें पूरा करेंगे,अगर इनमे से कोई भी मांग पूरी नहीं होगी तो इसका जवाब आने वाले यूपी और बिहार विधानसभा चुनाव में दे दिया जाएगा,
राजपूत समाज जिताना जानता है तो हराकर धूल में मिलाना भी बखूबी जानता है,आशा है ऐसी नौबत नही आएगी,
जय राजपुताना।।।।।।।
जय हिन्द जय क्षात्र धर्म

1 comment:

  1. आखिर क्यों। राजपूतो से ये भेदभाव क्यों , क्या वो इस देश के निवासी नहीं है , क्या उन्होंने इस देश के लिए कोई क़ुरबानी नहीं दी। आखिर राजपूतो के साथ हर जगह ये भेदभाव क्यों किया जाता है। सिख लोग किरपान ले कर चल सकते है ,तो राजपूत क्यों नहीं। राजपूतो को भी उन की बहादुरी को देखते हुए हर प्रकार की सहूलियत प्रदान की जाये। राजपूतो को Police , Defance , में रिजर्वेशन दी जाये। क्योकि अंग्रेजो ने भी राजपूत बटालियन बनाई थी जहा पर सब से अधिक राजपूत होते थे। क्षत्रिय नहीं तो देश रक्षा कैसे। सब से अधिक राजपूत को हर प्रकार के हथियार रखने के अनुमति दी जाये। राजपूतो को unlimited वेपन अनलिमिटेड अम्मुनिशन, और आल इंडिया वैलिडिटी की अनुमति होनी चाहिए। जब तक ये देश वारियर चाहे वो सिख हो , राजपूत हो का या गोरखा सम्मान नहीं करेगा तब तक हम लोग धोका ही कहते रहेगे। राजपूत, सिख और गोरखा ये जातिया हमेशा से वारियर ( अंग्रेज इन्हे मार्शल कोमे कहते थे ) थी , है और रहेगी। इन कोमो का मुकाबला ने तो पहले कोई कर सकता था , न कर सकता है और न ही कर पायेगा।

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